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विदेशी पिचों पर अंडरअचीवर्स का टैग हटाना होगा; इंग्लैंड में सीरीज हारने के बाद असिस्टेंट कोच ने गिनाई कमजोरियां

 Written By: Hitesh Jha @HiteshjhaL58268
 Published : Jul 10, 2026 04:57 pm IST,  Updated : Jul 10, 2026 05:02 pm IST

श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम आयरलैंड से दोनों टी-20 मैच हार गई थी। इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज के चौथे मैच में भी भारत को 9 विकेट से करारी हार का सामना करना पड़ा। इस हार को लेकर रेयान टेन डोएशे ने बड़ा बयान दिया है।

Reyan Ten Doeschate- India TV Hindi
रेयान टेन डोएशे Image Source : AFP

Highlights

  • श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज सीरीज हार चुकी है।
  • असिस्टेंट कोच टेन डोएशे के अनुसार टीम घरेलू मैदानों पर तो अच्छा खेलती है, लेकिन विदेशी पिचों पर संघर्ष कर रही है।
  • भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 सीरीज का आखिरी मैच 11 जुलाई को खेला जाएगा।

इंग्लैंड के खिलाफ जारी पांच मैचों की टी20 सीरीज में टीम इंडिया का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है। इस सीरीज में अभी तक भारतीय टीम श्रेयस अय्यर की कप्तानी में एक भी मैच नहीं जीत पाई है। पांच मैचों की इस सीरीज में टीम इंडिया इस वक्त 0-3 से पीछे है। सीरीज हारने के बाद टीम इंडिया के अस्सिस्टेंट कोच टेन डोएशे का मानना है कि मौजूदा टी20 चैम्पियन टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह स्वीकार करने की है कि विदेशी धरती पर वे अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते।

टीम इंडिया की हार को लेकर अस्सिस्टेंट कोच ने क्या कहा?

चौथे टी20 मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में अस्सिस्टेंट कोच ने कहा कि हमने खुद को ढालने के बारे में काफी बात की। यह कहना आसान है कि हमें ढलना चाहिये लेकिन हमें प्रक्रिया को समझना होगा कि इसके लिये क्या करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि टीम घरेलू पिचों पर तो अच्छा खेलती है, लेकिन विदेशी मैदानों पर खिलाड़ी रन बनाने में संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम को विदेशी पिचों पर अंडरअचीवर्स का टैग हटाना होगा।

अस्सिटेंट कोच ने टी20 वर्ल्ड कप का किया जिक्र

अस्सिस्टेंट कोच ने बताया कि हमारे सामने सबसे बड़ी मानसिक चुनौती इस सच को स्वीकार करने और समझने की है कि हमारी टीम विदेशों के माहौल और पिचों पर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रही है। खिलाड़ियों को इस बात पर ध्यान देना होगा कि अब से दो साल बाद ऑस्ट्रेलिया में टी-20 वर्ल्ड कप खेला जाना है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि हमें यह सोचना होगा कि हम कैसी टीम बनाना चाहते हैं। क्या हम एक ऐसी टीम चाहते हैं जो सिर्फ भारत की मददगार पिचों पर 250 रन बना दे और ईडन गार्डंस जैसे घरेलू मैदानों पर बड़े-बड़े छक्के लगाए, या फिर हम एक ऐसी मजबूत टीम चाहते हैं जो मैनचेस्टर, साउथम्प्टन या मेलबर्न (एमसीजी) जैसे विदेशी और मुश्किल हालातों में भी बेहतरीन खेल दिखा सके।

सीरीज की तैयारी के लिए प्लेयर्स को कम समय मिला

कोच ने माना कि खिलाड़ियों को तैयारी के लिए कम से कम 10-15 दिन चाहिए थे, लेकिन लगातार सीरीज के कारण पर्याप्त समय नहीं मिला। उन्होंने कप्तान श्रेयस अय्यर की बल्लेबाजी की तारीफ की और कहा कि उन्हें कप्तानी में सेट होने के लिए समय चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने उम्मीद जताई है कि जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पांड्या की वापसी से टीम इंडिया के प्रदर्शन में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।

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